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हर समय उपलब्ध रहने के दबाव ने खत्म किया ‘ऑफ टाइम’
भास्कर न्यूज। लुधियाना सुबह आंख खुलते ही मोबाइल स्क्रीन देखना और रात को सोने से पहले आखिरी बार वाट्सएप चेक करना अब रोजमर्रा की आदत बन चुका है। समस्या तब बढ़ जाती है जब नौकरी, परिवार और सोशल मीडिया के मैसेज एक ही स्क्रीन पर लगातार दस्तक देते रहें। ऑफिस खत्म होने के बाद भी बॉस का मैसेज, क्लाइंट की कॉल, ग्रुप में जरूरी अपडेट या सोशल मीडिया नोटिफिकेशन व्यक्ति को मानसिक रूप से ‘ऑन ड्यूटी’ रखते हैं।
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हर समय उपलब्ध रहने के दबाव ने खत्म किया ‘ऑफ टाइम’