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बीमारी का बनेगा रियल टाइम डेटा, पता चलेगा किसे कितना खतरा

1 sourceSaturday, October 3

अब सिर्फ यह जानना पर्याप्त नहीं होगा कि शहर की हवा कितनी प्रदूषित है, बल्कि इसका असर किन लोगों पर, किस बीमारी के रूप में और कितनी तेजी से हो रहा है, यह पता लगाना अगला बड़ा कदम है। इसके लिए डिजीज स्पेसिफिक हेल्थ डेटा को एयर क्वालिटी डेटा से जोड़कर उम्र, लिंग, पेशा, आर्थिक स्थिति और वल्नरेबिलिटी के आधार पर जोखिम प्रोफाइल तैयार करने पर जोर दिया गया। पीजीआई-पंजाब यूनिवर्सिटी के लॉ ऑडिटोरियम में आयोजित

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