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फर्नीचर से किताब तक सब जुगाड़ पर:टोंक-जैसलमेर मेडिकल कॉलेज ने उपकरण, केमिकल, किताबें उधार लीं; NMC ने बिल मांगा तो झूठ सामने आया

1 sourceWednesday, September 9

राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत खोले गए मेडिकल कॉलेजों में भविष्य के डॉक्टर तैयार करने के लिए न तो पर्याप्त फैकल्टी है, न ही क्लिनिकल प्रैक्टिस के लिए मैटेरियल। कुर्सी-टेबल के लिए भी स्टूडेंट को जूझना पड़ रहा है। टोंक और जैसलमेर मेडिकल कॉलेज में दो साल से यही हालात हैं। यहां 50-50 मेडिकल सीटें बढ़ाने के लिए दो साल से नेशनल मेडिकल कमिशन (एनएमसी) को झूठे शपथ पत्र दिए जा रहे। नीट रि

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